1920 के दशक में मद्रास प्रेसीडेंसी में जस्टिस पार्टी ने पहली गैर-ब्राह्मण सरकार बनाई और सामाजिक न्याय के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए. उन्होंने सरकारी नौकरियों में आरक्षण की शुरुआत की और मंदिर प्रशासन में सुधार किए. डॉ. मुत्तुलक्ष्मी रेड्डी जैसे नेताओं ने महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया.