केंद्र सरकार इसे ने यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि एक ही राज्य के तीन अलग-अलग भाषाओं में तीन अलग-अलग नाम नहीं हो सकते. इसलिए ऐसा नाम होना चाहिए जो सभी भाषाओं में एक जैसा हो. 2011 में भी ममता बनर्जी ने पहली बार सत्ता संभालने के बाद राज्य का नाम बदलने का प्रस्ताव दिया था.