सरकार ने 5 OTT प्लेटफॉर्म को ब्लॉक किया:अश्लील कंटेंट दिखाने पर एक्शन, 7 महीने पहले 25 प्लेटफॉर्म बैन हुए थे

केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने मंगलवार को 5 ऑनलाइन स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म (OTT) को ब्लॉक कर दिया है। जिन प्लेटफॉर्म पर कार्रवाई हुई, उनमें मूडएक्सवीआईपी, कोयल प्लेप्रो, डिजी मूवीप्लेक्स, फील और जुगनू शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म पर अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट दिखाया जा रहा था। यह कंटेंट आईटी एक्ट 2000, आईटी नियम 2021, आईपीसी की धारा 292 और महिलाओं को गलत तरीक से दिखाने से जुड़े कानूनों का उल्लंघन करता पाया गया। यह पहली बार नहीं है जब सरकार ने OTT प्लेटफॉर्म को ब्लॉक किया है। पिछले साल जुलाई में Ullu-ALTT समेत 25 OTT प्लेटफॉर्म बैन किए गए थे। ALTT एप अप्रैल 2017 में फिल्म और टीवी प्रोड्यूसर एकता कपूर ने लॉन्च किया था। वहीं ULLu एप को IIT कानपुर से ग्रेजुएट विभु अग्रवाल ने 2018 में बनाया था। इससे पहले मार्च 2024 में सरकार ने अश्लील कंटेंट को लेकर 18 OTT प्लेटफॉर्म पर बैन लगाया था। साथ ही 19 वेबसाइट्स, 10 एप्स और 57 सोशल मीडिया हैंडल्स भी ब्लॉक कर दिए थे। चार कानूनों के तहत OTT एप्स पर बैन लॉकडाउन में ALTT​ और Ullu एप के व्यूअर्स बढ़े 2020 के लॉकडाउन में जब OTT प्लेटफॉर्म्स को बढ़ावा दिया गया, उसी दौरान ALTT और Ullu एप जैसे OTT प्लेटफॉर्म्स पर अश्लील कंटेंट ज्यादा प्रसारित होने लगा। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जुलाई 2020 में एक एडल्ट कॉमेडी शो के लिए सर्वाधिक स्ट्रीमिंग (1.1 करोड़ ) एक दिन में ऑनलाइन ओटीटी प्लेटफॉर्म MX प्लेयर पर की गई। इस रिपोर्ट के अनुसार ALTT की मई 2020 की व्यूअरशिप में 2019 की तुलना में 60% इजाफा हुआ। 2020 में इसके मंथली एक्टिव यूजर्स भी 21% बढ़े। इस ओटीटी पर एडल्ट कंटेंट ज्यादा है। ऑनलाइन कंटेंट को लेकर सरकार की मौजूदा गाइडलाइन भारत सरकार ने 2021 में 'द इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (इंटरमीडियरी गाइडलाइन्स एंड डिजिटल मीडिया एथिक्स कोड) रूल्स' बनाया था। इसे 6 अप्रैल, 2023 को अपडेट किया गया। 30 पेज की गाइडलाइन में सोशल मीडिया, फिल्म और वेब सीरीज के लिए नियम बताए गए हैं। पेज नंबर-28 पर फिल्म, वेब सीरीज और एंटरटेनमेंट प्रोग्राम के लिए जनरल गाइडलाइंस है। इसमें टारगेट ऑडियंस के आधार पर कैटेगरी तय करना जरूरी है। ये चेतावनी देना भी जरूरी है कि आप क्या कंटेंट दिखा रहे हैं। गाइडलाइंस के मुताबिक, OTT और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ग्रीवांस ऑफिसर रखने होंगे। कंटेंट कानून के हिसाब से होना चाहिए। उसमें सेक्स न हो, एंटी नेशनल न हो और बच्चों-महिलाओं को नुकसान पहुंचाने वाला न हो। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… वॉट्सएप ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- निर्देशों का पालन करेंगे: विज्ञापन कंपनियों से डेटा शेयर नहीं करेंगे ग्लोबल टेक कंपनियों मेटा और वॉट्सएप ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वे कॉम्पिटिशन कमीशन ऑफ इंडिया (CCI) की प्राइवेसी और गाइडलाइंस को एडवरटाइजिंग से जुड़े डेटा शेयर करने के मामले में NCLAT के निर्देशों का पालन करेंगे। पूरी खबर पढ़ें…