उत्तराखंड हाई कोर्ट ने एक ऐसा फैसला सुनाया है जो कानूनी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है. एक शख्स पर लगे पॉक्सो एक्ट के गंभीर आरोपों को रद्द करते हुए जस्टिस आलोक मेहर ने मानवीय पहलुओं को सर्वोपरि रखा. कोर्ट ने माना कि आरोपी और पीड़िता अब पति-पत्नी हैं. उनका एक बच्चा भी है.