बिहार में भले ही असदुद्दीन ओवैसी सरकार बनाने और बिगाड़ने की ताकत न हासिल कर सके हों, लेकिन राज्यसभा चुनाव के लिए किसी तुरुप का इक्का से कम नहीं हैं. ओवैसी अपने पांच विधायकों के दम पर आरजेडी को 2030 तक यानी अगले चार साल में सियासी प्रेशर बनाने का दांव आजमाते रहेंगे.