CAFE-3 नियमों का मकसद पैसेंजर व्हीकल की फ्यूल एफिशिएंसी यानी माइलेज को बेहतर बनाना और कार्बन उत्सर्जन को कम करना है. अब तक इस नए नियम के दो ड्रॉफ्ट सामने आ चुके हैं. जिसको लेकर ऑटो इंडस्ट्री में विवाद भी बढ़ा था. कुछ कार निर्माताओं का मानना था कि, इसका सीधा लाभ उन कंपनियों को मिलेगा जो ज्यादातर छोटी कारें बनाते हैं.