यूपी में वाराणसी के केदार घाट स्थित विद्या मठ को लेकर हाल ही में गंभीर आरोप लगे हैं. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर प्रयागराज में एफआईआर दर्ज की गई. वहीं काशी में मठ को पांच मंजिला और उसमें स्विमिंग पूल शीश महल होने का दावा किया गया. लंबे समय से मठ से जुड़ीं स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की शिष्या नील मणि शास्त्री ने अब मठ को लेकर कई बातें कहीं हैं. नील मणि शास्त्री ने कहा है कि मठ में बालिकाएं नहीं पढ़तीं, उनके लिए अलग आश्रम है. मठ केवल वेदपाठी ब्राह्मण बालकों का है, जिनका रिकॉर्ड व्यवस्थित रूप से रखा जाता है. मठ तीन मंजिला है, बेसमेंट सहित चार मंजिल और कथित स्विमिंग पूल केवल स्वास्थ्य कारणों से बनाया गया पानी का हौदी था. उन्होंने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर आरोपों को सनातन धर्म पर हमला बताया. उनका कहना है कि आरोप निराधार हैं और जांच में सच सामने आएगा.