भारत के नए बजट में चाबहार पोर्ट के लिए धन आवंटित नहीं किए जाने पर ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने निराशा जताई है। एक इंटरव्यू में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चाबहार को “गोल्डेन गेट” बताए जाने का उल्लेख करते हुए कहा कि यह निर्णय भारत और ईरान दोनों के लिए निराशाजनक है। हालांकि उनकी टिप्पणी से यह भी स्पष्ट हुआ कि ईरान अब भी भारत के साथ सहयोग जारी रखना चाहता है और इस परियोजना के आगे बढ़ने की उम्मीद रखता है।