प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इजरायली संसद Knesset में दिया गया भाषण सिर्फ दो देशों की रणनीतिक साझेदारी तक सीमित नहीं था. इजरायल के साथ भावनात्मक जुड़ाव की बातें करने से पहले पीएम मोदी दोनों देशों के सामने मौजूद रक्षा चुनौतियों के बारे में बता रहे थे. इस दौरान वे बेहद सख्त और निर्णायक रहे. उनके भाषण ने सिर्फ इजरायल और भारत ही नहीं, बल्कि पूरे मिडिल-ईस्ट के लिए एजेंडा सेट कर दिया.