विजय और रश्मिका की शादी दो संस्कृतियों का अनूठा संगम है। सुबह तेलुगु रीति-रिवाजों में जीलाकारा-बेल्लम जैसी वैदिक रस्में निभाई गईं, वहीं शाम को कोडवा परंपरा के अनुसार बिना पंडित और अग्नि के, योद्धा परंपराओं और 'गंगा पूजा' के साथ विवाह संपन्न होगा। यह प्राइमल थीम वाली शादी सादगी और विरासत का प्रतीक है।