'PM गाजा को लेकर भाषण दे...', बोले मनोज झा

उनके पास गांधी के दृष्टिकोण से भाषण देने का मौका था, लेकिन वे अनजाने में वह अवसर खो बैठे. अगर वे वहाँ जाते और भाषण देते, तो पापुलर रिवर्बेशन होता और दुनिया के कई छोटे-छोटे देश भी इजरायल को यह साफ संदेश दे पाते कि गाजा में जो कुछ भी हो रहा है, वह किसी भी दृष्टिकोण से उचित नहीं है. इस तरह के दृष्टिकोण से यह स्पष्ट होता है कि पलेस्टीन के लिए न्याय और शांति का समर्थन करना हमारे लिए कितना महत्वपूर्ण है.