गृहिणी को बेकार, खाली या निठल्ला नहीं कह सकते: दिल्ली हाई कोर्ट

Delhi High Court on Women rights: दिल्ली हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि बेरोजगार पत्नी को बेकार, खाली या निठल्ला मानकर उसके श्रम को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने भरण-पोषण आवेदन पर सुनवाई करते हुए कहा कि गृहिणी या ‘होममेकर’ का श्रम कमाने वाले जीवनसाथी को प्रभावी ढंग से काम करने में सक्षम बनाता है, इसलिए उसकी बेरोजगारी को आलस्य के बराबर मानना अन्यायपूर्ण है।