अंगूर अड्डा, अफगान बाबरी, नूरिस्तान... पाक-अफगान सीमा, जहां नक्शा नहीं, ताकत तय करती है बॉर्डर!

अफगानिस्तान और तालिबान का बॉर्डर 1893 में खींचा गया. लगबग सवा सौ साल गुजर जाने के बाद भी ये रेखा दो इस्लामी देशों के बीच कट्टर दुश्मनी की वजह बनी है. ऐतिहासिक दर्रों, नदियों, पहाड़ों और घाटियों से होकर गुजरती इस रेखा ने कागज पर जमीन के दो टुकड़े तो कर दिए, लेकिन यहां मालिकाना हक उसी का रहा, जिसके पास ताकत रही.