प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि पिछले 12 सालों में भारत ने अपने अंदर की ताकत को पहचाना और खुद को मजबूत किया है। इसी आत्मविश्वास के कारण विकसित देश अब भारत के साथ व्यापार समझौते करने के लिए आगे आ रहे हैं। ‘न्यूज18 राइजिंग भारत समिट’ को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि अगर भारत अपनी क्षमता नहीं पहचानता और संस्थागत सुधार नहीं करता, तो कोई भी देश उसके साथ व्यापार समझौता करने के लिए तैयार नहीं होता। प्रधानमंत्री ने कांग्रेस की आलोचना करते हुए कहा- कांग्रेस के वोट चोरी नहीं हो रहे हैं, बल्कि देश की जनता अब कांग्रेस को वोट देने लायक नहीं समझती। यह सिलसिला 1984 के बाद शुरू हुआ।पहले तो मिलेनियल्स ने कांग्रेस को सबक सिखाया, और अब GEN-Z भी तैयार है। प्रधानमंत्री ने कहा- किसी देश की क्षमता अचानक विकसित नहीं होती, बल्कि वह पीढ़ियों के ज्ञान, परंपरा, परिश्रम और अनुभव से निर्मित होती है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी कुछ लोगों ने औपनिवेशिक मानसिकता को बनाए रखा, जिससे देश में हीन भावना घर कर गई थी। मोदी ने 2014 से पहले के दौर का जिक्र करते हुए कहा कि अगर देश ‘फ्रैजाइल फाइव’ में गिना जाता रहता और पॉलिसी पैरालिसिस बनी रहती, तो वैश्विक स्तर पर भारत को गंभीरता से नहीं लिया जाता। उन्होंने कहा कि देश में नई ऊर्जा आई है और भारत अपनी खोई हुई संभावनाओं को फिर से हासिल करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।