अछूत है चिता की राख.... फिर कैसे पवित्र बन जाती है श्मशान की भस्म होली
मणिकर्णिका घाट को केवल श्मशान स्थल नहीं बल्कि जीवन और मृत्यु के बीच की गहराई को समझने वाला स्थान माना जाता है. यहां राख से होली खेलने की परंपरा है जो बंधनों को तोड़कर आत्मा की शुद्धि और मुक्ति का प्रतीक है.