'जेल जाकर भी नहीं झुके केजरीवाल', बोलीं आतिशी

एक व्यक्ति जो आईआरएस की नौकरी छोड़कर दिल्ली की झुग्गियों में काम करने लगा और सड़क पर भ्रष्टाचार के खिलाफ कानून के लिए संघर्ष कर रहा था. जब उस पर और उसके परिवार पर भ्रष्टाचार के झूठे आरोप लगे तो उनकी स्थिति पर सोचिए. जेल जाने के बावजूद, पार्टी के सभी नेताओं के जेल मास होने के बाद भी अरविंद केजरीवाल ने हार नहीं मानी. वह झुके नहीं और दबे नहीं। यह कहानी साहस और हिम्मत की मिसाल है.