'केजरीवाल को कोई गंभीरता से नहीं...', बोेले गुलाम अली खटाना

दिल्ली में दोबारा चुनाव होने की स्थिति में कुछ विधायक नहीं आएंगे और यदि वे आएं तो एक नेता राजनीति छोड़ने की बात कहती हैं. वे अक्सर कहते हैं कि अब लोग ज्यादा गंभीर नहीं रह गए हैं और चुनाव फिक्स भी होते रहते हैं. राजनीति को जीवित रखने के लिए ऐसे बयान दिए जाते हैं. प्रधानमंत्री जी को भी अपनी राजनीतिक स्थिति बनाए रखने के लिए इस प्रकार के कदम उठाने पड़ते हैं.