पुरानी तलवार, नई धार! 'जवान' से 'सूबेदार' तक सोशल लड़ाई में क्यों कूद रहे फौजी?

'सूबेदार' के साथ एक बार फिर पर्दे पर एक्स-फौजी हीरो की एंट्री हो रही है. लॉकडाउन के बाद से ऐसे किरदार लगातार दिख रहे हैं, जो वर्दी उतारने के बाद भी समाज की बुराइयों से लड़ रहे हैं. क्या ये सिनेमा के जरिए मैसेज देने का ट्रेंड है, या बढ़ती उम्र वाले स्टार्स की सर्वाइवल ट्रिक?