नील से फरात तक फैले तथाकथित "ग्रेटर इजरायल" के विचार ने मध्य पूर्व में फिर से बहस छेड़ दी है. बाइबिल के वादे, जायोनिस्ट राजनीति और मौजूदा विस्तारवादी कदमों के बीच सवाल उठता है, क्या यह आस्था है या रणनीति? इस टकराव में फिलिस्तीनियों, अरब देशों और क्षेत्रीय स्थिरता का भविष्य दांव पर है.