आयतुल्ला अली खामेनेई की मौत के साथ ईरान की राजनीति के एक निर्णायक दौर का अंत हुआ. चार दशकों तक उन्होंने देश की विदेश नीति, सुरक्षा रणनीति और वैचारिक दिशा तय की. पश्चिम विरोधी रुख, परमाणु विवाद और "एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस" उनकी पहचान बने, जबकि उनके शासन में विरोध और प्रतिबंध भी लगातार बढ़ते रहे. पढ़ें उस शख्स की कहानी जिसने दशकों तक ईरान की दिशा तय की.