ईरान-इजराइल जंग: PM मोदी के घर सुरक्षा समिति की बैठक:मोदी ने UAE प्रेसिडेंट से कहा- मुश्किल में आपके साथ, भारतीयों का ध्यान रखने के लिए धन्यवाद

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच लगातार दो दिन से जंग जारी है। मिडिल ईस्ट के देशों में फंसे भारतीयों और भारत में सुरक्षा को लेकर पीएम मोदी के आवास पर सुरक्षा समिति की बैठक हुई। इस दौरान CDS अनिल चौहान भी मौजूद रहे। मीटिंग में वेस्ट एशिया में रहने वाले भारतीयों और वहां फंसे लोगों की सुरक्षा, हालात बिगड़ने पर उससे कैसे निपटा जाए, इस पर चर्चा हुई। फिलहाल, वेस्ट एशिया का एयरस्पेस लगभग बंद है। ईरान में करीब 10,000 भारतीय नागरिक रहते हैं, पढ़ते और काम करते हैं। जबकि 40,000 से ज्यादा इजराइल में रहते हैं। गल्फ और वेस्ट एशिया में करीब 90 लाख भारतीय हैं। पीएम ने X पर एक पोस्ट में बताया कि उन्होंने UAE के प्रेसिडेंट शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से बात की। उन्होंने UAE पर हुए हमलों की निंदा की। पीएम ने लिखा- ‘भारत इस मुश्किल समय में UAE के साथ खड़ा है। वहां रहने वाले भारतीय समुदाय का ध्यान रखने के लिए उन्हें धन्यवाद दिया। हम तनाव कम करने, शांति, सुरक्षा और स्थिरता का समर्थन करते हैं।’ दरअसल, ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की इजराइली हमलों में मौत हो गई है। देश-दुनिया भर में इसे लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं। भारत में भी श्रीनगर, लखनऊ, संभल, पटना समेत 15 से ज्यादा शहरों में प्रदर्शन की तस्वीरें सामने आईं। देश-दुनिया में प्रदर्शन की तस्वीरें… भारत में रविवार को 350+ फ्लाइट कैंसिल मिडिल-ईस्ट के बंद एयरस्पेस के चलते 1 मार्च को भारतीय घरेलू एयरलाइंस की 350 उड़ानें रद्द की गईं। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे अपनी फ्लाइट की स्थिति लगातार ट्रेक करते रहें। मिडिल ईस्ट देशों में भारतीय दूतावासों ने जारी की एडवाइजरी कुवैत में भारतीय एम्बेसडर, एम्बेसडर परमिता त्रिपाठी ने कुवैत में भारतीय समुदाय के लगभग 100 जाने-माने सदस्यों और भारतीय एसोसिएशन के प्रमुखों के साथ एक वर्चुअल बातचीत की। इनमें कुवैत, ऑस्ट्रिया, ओमान, लेबनान के भारतीय दूतावासों ने वहां फंसे भारतीयों के लिए एडवाइजरी भी जारी की है। राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन के बाद सुरक्षा कड़ी ईरान के सुप्रीम लीडर, अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत पर शोक जताने के लिए हुए विरोध प्रदर्शनों और सभाओं के बाद नेशनल कैपिटल के कई हिस्सों में सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। सावधानी के तौर पर सेंसिटिव इलाकों, खासकर डिप्लोमैटिक मिशनों और शिया आबादी वाले इलाकों में और पुलिस तैनात की गई है।