अर्थशास्त्रियों के मुताबिक, कच्चे तेल की कीमतों में $10 प्रति बैरल की बढ़ोतरी से भारत का इम्पोर्ट बिल सालाना लगभग ₹10,000- ₹15,000 करोड़ बढ़ सकता है।