एक नहीं आठ बार जलती है होलिका... क्या है राजस्थान की 'राल दर्शन' परंपरा

राजस्थान के कांकरोली में द्वारिकेश मंदिर में फागुन के महीने में राल दर्शन का आयोजन होता है, जिसमें प्राकृतिक राल और सिंघाड़े का आटा जलाकर अग्नि प्रज्ज्वलित की जाती है. यह परंपरा होलिका दहन के साथ जुड़ी है और ऋतु परिवर्तन के कारण होने वाली बीमारियों से बचाव का प्रतीक मानी जाती है.