विशेषज्ञ मानते हैं कि परीक्षा का दबाव पहले से ही छात्रों के मन में तनाव बढ़ा देता है. जब इसके साथ युद्ध, हमले या पूरी दुनिया के कई देशों के टकराव की खबरें जुड़ जाती हैं, तो टीनेज बच्चों में डर, असुरक्षा और भविष्य को लेकर अनिश्चितता की भावना पैदा हो सकती है.