इनपुट- सुमित श्रीवास्तव, लखनऊ प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वाराणसी स्थित संपूर्णानंद संस्कृत विश्व विद्यालय में आयोजित ग्यारह दिवसीय रीजनल (राष्ट्रीय स्तर) सरस मेले के भव्य समापन समारोह में सम्मिलित हुए। यहां उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण और स्वावलंबन को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। स्वयं सहायता समूहों की बहनों ने सरस मेले में अपने उत्पादों—सजावटी सामग्री, खाद्य प्रसाद, पीतल शिल्प, अचार-मुरब्बा, लेदर उत्पाद, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, वस्त्र, कालीन, जूट एवं मूंज उत्पाद—के माध्यम से न केवल अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, बल्कि बड़ा व्यापार कर यह सिद्ध कर दिया कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ महिलाएं ही हैं। उन्होंने आह्वान किया कि प्रत्येक समूह अधिक से अधिक महिलाओं को जोड़कर प्रदेश में 01 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाना है तथा उन्हें भविष्य में “करोड़पति महिला” बनाने की दिशा में संगठित प्रयास करे। यह पहल आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की मजबूत आधारशिला बनेगी। समारोह के दौरान उप मुख्यमंत्री ने वाराणसी की दो बीमा सखियों मीना देवी एवं प्रतिभा देवी तथा दो लखपति महिलाओं शर्मीला देवी एवं लक्ष्मी वर्मा को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। जनपद के 703 समूहों को सामुदायिक निवेश निधि तथा 20 समूहों को रिवाल्विंग फण्ड मद में कुल रू 10 करोड़ 60 लाख 50 हजार की धनराशि का प्रतीकात्मक चेक प्रदान किया गया,साथ ही दो समूहों की महिलाओं को ई-रिक्शा वितरित कर उन्हें प्रमाण पत्र सौंपे गए। मेले में सर्वाधिक बिक्री के लिए लखीमपुर खीरी जनपद के समूह को प्रथम तथा मीरजापुर जनपद को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया। सर्वश्रेष्ठ स्टाल सजावट हेतु गाजीपुर के मालिक मरदान शाह समूह को सम्मानित किया गया। उप मुख्यमंत्री ने सभी स्टालों का अवलोकन कर उत्पादों की जानकारी ली तथा आजीविका मिशन द्वारा संचालित फूड कोर्ट की सराहना की। कार्यक्रम में पैकेजिंग, ब्रांडिंग एवं मार्केटिंग विषयक कार्यशाला का आयोजन भी किया गया, जिससे समूहों की उत्पाद गुणवत्ता और बाजार प्रतिस्पर्धा को और सुदृढ़ किया जा सके। इस अवसर पर महापौर अशोक तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती पूनम मौर्य, विधान परिषद सदस्यगण, हंसराज विश्वकर्मा व धर्मेन्द्र सिंह, पूर्व मेयर कौशलेन्द्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं उपस्थित रहीं। उप मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि भविष्य में भी सरस मेले के आयोजन निरंतर किए जाएंगे, जिससे विभिन्न प्रदेशों और जनपदों की महिलाएं एक-दूसरे से प्रेरणा लेकर अपने उद्यम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा सकें। उन्होंने महिलाओं के परिश्रम, नवाचार और गुणवत्ता की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश की प्रगति का मार्ग महिलाओं की आर्थिक भागीदारी से होकर ही जाता है।