मिडिल ईस्ट में 90 लाख कामगारों का भविष्य भारत की सबसे बड़ी चिंता

खाड़ी के देशों का युद्ध के संकट में फँसना भारत के लिए दोहरे चिंता का विषय हो जाता है. तेल की क़ीमतें बढ़ने के साथ भारत को वहां काम कर रहे करीब 90 लाख भारतीय कामगार के जीवन और उनकी आजीविका के बारे में भी सोचना पड़ता है. क्योंकि उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा देश की तरक्की के काम आता है.