होली हमारे रोज के रहन-सहन के बीच एक पॉज है, जिसमें हम ठहरकर जीते हैं, खुलकर हंसते हैं और फिर एक नए दौर के लिए आगे बढ़ जाते हैं. होली सभ्यता के एक बयान की तरह है, जो जीवन को गंभीरता से भी लेती है और खेल की तरह भी. होली का त्योहार जितना रंगीन है, भारत में इसका इतिहास भी उतना ही रंगों भरा है.