ईरान पर हालिया हमलों और बढ़ते राजनीतिक तनाव के बीच जाफर पनाही की कहानी फिर सुर्खियों में है. 20 साल के बैन और गिरफ्तारी के बावजूद उन्होंने सत्ता के खिलाफ फिल्में बनाईं और ‘डेथ टू डिक्टेटर’ का नारा लगाकर तानाशाही को खुली चुनौती दी. जानिए उनके संघर्ष, सिनेमा और ईरान की राजनीति से जुड़ी पूरी कहानी.