चीन ने अमेरिका और ईरान से तुरंत बातचीत फिर शुरू करने का आह्वान किया है और कहा है कि सैन्य संघर्ष नहीं, बल्कि कूटनीतिक वार्ता ही मिडिल ईस्ट संकट का स्थायी हल है. बीजिंग ने साफ किया कि किसी भी देश को अंतरराष्ट्रीय मामलों पर प्रभुत्व जमाने का अधिकार नहीं है और संयुक्त राष्ट्र की भूमिका को मजबूत करना जरूरी है.