Bombay High Court ने गुरुवार को एक अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि सुरक्षा किसी भी धर्म से ऊपर है। किसी भी जगह नमाज पढ़ना धार्मिक अधिकार नहीं है। अदालत ने एयरपोर्ट के पास नमाज अदा करने की अनुमति मांग रहे टैक्सी और ऑटो-रिक्शा चालकों को कोई राहत देने से इनकार कर दिया। जस्टिस बी पी कोलाबावाला और जस्टिस फिरदौस पूनीवाला की खंडपीठ ने कहा कि रमजान इस्लाम का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन किसी भी व्यक्ति को यह धार्मिक अधिकार नहीं मिल जाता कि वह किसी भी स्थान पर नमाज अदा करने की मांग करे, खासकर संवेदनशील क्षेत्र के आसपास।