यह फैसला ऐसे समय में आया है जब मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव (खासकर ईरान से जुड़े संघर्ष) के कारण वैश्विक तेल बाजार में अस्थिरता और आपूर्ति की चिंताएं गहरा गई हैं।