शादी के बाद दोनों का टाइट शेड्यूल था. रश्मिका विजय के पैतृक गांव थुम्मनपेट (तेलंगाना) गईं, जहां सत्यनारायण की पूजा की. वहां वो विजय के मामा पक्ष के परिवार से मिलीं और आशीर्वाद लिया.