नीतीश कुमार ने अपनी सियासी पारी का आगाज आपातकाल के दौर में शुरू किया, लेकिन उन्हें राजनीतिक बुलंदी 20वीं सदी में मिली. नीतीश ने सांसद रहते हुए दोबारा बिहार के सीएम बने और अब मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़कर सांसदी करेंगे. इस तरह नीतीश की सियासत 360 डिग्री घूम गई है.