Jaishankar Expressed His Views on Irani Warship: ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव जारी है। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच हाल ही में अमेरिकी पनडुब्बी ने हिंद महासागर में ईरानी युद्धपोत IRIS डेना को टॉरपीडो से हमला करके डुबो दिया था। इस घटना से पहले कोच्चि में ईरानी जहाज की डॉकिंग की गई। इस मामले पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने नई दिल्ली में ‘रायसीना डायलॉग 2026’ के तीसरे दिन बड़ी जानकारी दी है। जयशंकर ने कहा- मैं भी संयुक्त राष्ट्र सीमा समझौते (UNCLOS) और अंतरराष्ट्रीय कानून का समर्थन करता हूं। मानवीय आधार पर IRIS लावन को कोच्चि में डॉक करने की अनुमति दी गई थी। भारत में आयोजित इंटरनेशनल फ्लीट रिव्यू (International Fleet Review) 2026 में शामिल होने वाले IRIS लावन को तकनीकि खराबी के कारण इसे कोच्चि में डॉक किया गया था। श्रीलंका के दक्षिण में IRIS डेना की घटना से कुछ दिन पहले ईरान ने भारत से संपर्क किया था। भारत ने 1 मार्च को युद्धपोत को डॉकिंग की अनुमति दी थी।