सीजेआइ सूर्यकांत ने कहा है कि न्यायपालिका को पर्यावरण संरक्षण में संवैधानिक प्रहरी की भूमिका निभानी चाहिए, लेकिन वैध विकास आकांक्षाओं में बाधा नहीं बनना चाहिए। वह पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के कार्यक्रम में बोल रहे थे, जहां सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस कुलदीप सिंह की स्मृति में नवीनीकृत पुस्तकालय का उद्घाटन किया गया। सीजेआइ ने कहा कि अब वह दौर नहीं रहा जब पर्यावरण और विकास में से किसी एक को चुनना पड़े। आज वही विकास स्वीकार्य है जो पर्यावरणीय रूप से जिम्मेदार हो। अदालतें न तो हर परियोजना को संदेह की नजर से देखें और न ही पर्यावरणीय सुरक्षा को नजरअंदाज करें। उन्होंने कहा कि न्यायपालिका को ऐसी व्यवस्था विकसित करनी होगी जिसमें विकास की योजना बनाते समय ही पर्यावरणीय सुरक्षा को शामिल किया जाए।