तिरंगे में लिपटे बेटे का पार्थिव शरीर जैसे ही घर पहुंचा, मां बिलख पड़ीं. वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं. असम में सुखोई Su-30MKI फाइटर जेट हादसे में भारतीय वायुसेना के 28 साल के फ्लाइट लेफ्टिनेंट पूर्वेश दुरगकर की जान चली गई थी. उनका पार्थिव शरीर जब नागपुर पहुंचा तो इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. ऑपरेशन सिंदूर में भी हिस्सा ले चुके इस युवा पायलट को पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई.