OpenAI, Anthropic, Google DeepMind और Meta के 40 शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि AI मॉडल अपनी वास्तविक सोच छिपा रहे हैं. शोध में पाया गया कि उनकी ‘चेन‑ऑफ‑थॉट’ व्याख्याएं अक्सर अधूरी और अविश्वसनीय हैं. विशेषज्ञों के अनुसार यह पारदर्शिता जल्द खत्म हो सकती है, जिससे AI निगरानी कठिन हो जाएगी.