लद्दाख के लेह शहर में सोमवार को कड़ी सुरक्षा के बीच सैकड़ों लोगों ने रैली निकाली। वहीं कारगिल में बंद रखा गया। यह रैली पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई के दो दिन बाद हुई। सितंबर 2025 में लेह में हिंसक प्रदर्शन हुआ था। इसमें पुलिस फायरिंग में 4 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद यह पहली रैली है। यह बंद और रैली लेह एपेक्स बॉडी (LAB) और कारगिल डेमोक्रेटिक अलायंस (KDA) के आह्वान पर किया गया। इन संगठनों की मुख्य मांगें लद्दाख को राज्य का दर्जा देना और उसे संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करना हैं। वांगचुक को करीब छह महीने तक राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में रखा गया था। केंद्र सरकार ने शनिवार को घोषणा की कि सभी पक्षों के साथ रचनात्मक और सार्थक बातचीत को आसान बनाने के लिए वांगचुक की हिरासत समाप्त की जा रही है। पुलिस फायरिंग में मारे गए लोगों की तस्वीरे लेकर रैली में पहुंचे रैली का नेतृत्व LAB के सह-अध्यक्ष चेरिंग दोरजे ने किया। प्रदर्शनकारी सिंगे नामग्याल चौक से लेह के पोलो ग्राउंड तक मार्च करते हुए गए। रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं और लोग राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग के समर्थन में नारे लगा रहे थे। कुछ लोग उन चार लोगों की तस्वीरें भी लेकर चल रहे थे, जिनकी पिछले साल सितंबर में पुलिस फायरिंग में मौत हो गई थी, जब LAB की रैली हिंसक हो गई थी। LAB और KDA के संयुक्त आह्वान पर कारगिल और द्रास में पूरी तरह बंद रहा। ये दोनों संगठन पिछले पांच वर्षों से राज्य का दर्जा और छठी अनुसूची की मांग को लेकर आंदोलन चला रहे हैं। लद्दाख के पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह ने लेह के सिंगे नामग्याल चौक में रैली स्थल का दौरा किया और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए थे।अधिकारियों के अनुसार कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं मिली। सड़कें बंद, प्रतिबंध के बाद भी लोग रैली में पहुंचे लेह में पत्रकारों से बात करते हुए चेरिंग दोरजे ने कहा कि प्रशासन ने सड़कें बंद कर दी थीं, प्रतिबंध लगा दिए थे। फिर भी लोगों ने बड़ी संख्या में रैली में भाग लिया। उन्होंने लोगों को शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करने के लिए बधाई दी और रैली को बड़ी सफलता बताया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग कहते हैं कि एपेक्स बॉडी को जनता का समर्थन नहीं है, लेकिन आज लद्दाख के लोगों ने दिखा दिया कि वे LAB और KDA के साथ हैं। सोनम वांगचुक, जो इस आंदोलन के प्रमुख नेताओं में से एक हैं, को सितंबर में इस आरोप में NSA के तहत हिरासत में लिया गया था कि उन्होंने प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़काई। --------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें: सरकार ने सोनम वांगचुक पर लगा NSA हटाया:170 दिन बाद जोधपुर जेल से रिहा; लेह हिंसा के बाद हिरासत में लिए गए थे केंद्र ने शनिवार को लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक पर लगा नेशनल सिक्युरिटी एक्ट (NSA) हटा दिया। सरकार ने कहा कि यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया। गृह मंत्रालय के अनुसार, सोनम ने NSA एक्ट के तहत अपनी हिरासत की अवधि का लगभग आधा हिस्सा पूरा कर लिया है। पढ़ें पूरी खबर…