गाजियाबाद के हरीश राणा की दर्दभरी कहानी इन दिनों चर्चा में है. सालों तक बिस्तर पर कोमा जैसी स्थिति में रहने के बाद अब उन्हें इच्छामृत्यु की प्रक्रिया से गुजारा जा रहा है.