Harish Rana Euthanasia: 'बेटे की पीड़ा देख मां ने मांगी मुक्ति', हरीश को विदाई देने वाली लवली दीदी से बातचीत
गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन की राज अंपायर सोसायटी निवासी हरीश राणा के अंतिम सफर को पीड़ारहित बनाने का आशीष देने वाली ब्रह्माकुमारी बीके लवली दीदी का कहना है कि आत्मा और शरीर अलग-अलग बातें हैं।