ट्रैफिक चालान के बहुत से मामलों को लोक अदालत के जरिए सुलझाया जा रहा है. पिछले एक दशक में दिल्ली में लोक अदालत के जरिए 31 लाख से ज्यादा मामलों को निपटाया गया है. इन मामलों में 27 करोड़ से ज्यादा का फाइन वसूला गया है. हालांकि, इसके बाद भी दिल्ली में अभी 4 करोड़ के लगभग चालान पेंडिंग हैं.