यूपी सरकार ने लोगों की सेहत से जुड़ा एक बड़ा फैसला लिया है। 1 अप्रैल, 2026 से प्रदेश में अंडे पर एक्सपायरी डेट लिखना होगा। इस नियम के लागू होने के बाद दुकानदार अब ताजा अंडा कहकर पुराने या खराब अंडे बेच नहीं पाएंगे। ग्राहक खुद तारीख देखकर फैसला ले पाएंगे कि अंडा सुरक्षित है या नहीं। क्यों लाया गया यह नियम? पशुपालन विभाग और खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की जांच में सामने आया कि कई जगहों पर पुराने या खराब अंडे 'फ्रेश' बताकर बेचे जा रहे थे, जिससे लोगों की सेहत को खतरा हो सकता था। नियमों का पालन नहीं हो रहा था। FSDA के जॉइंट कमिश्नर हरिशंकर सिंह ने बताया, दो साल से इसकी कवायद चल रही थी। पहले बैच नंबर लिखने का निर्णय हुआ, लेकिन ये प्रैक्टिकली संभव नहीं था। क्योंकि अंडे अलग-अलग जगह आते हैं, ऐसे में बैच नंबर लिखना संभव नहीं था। इसलिए ये निर्णय लिया गया है कि अंडे पर डेट लिखा जाए। इसके लिए अंडों पर लेइंग और एक्सपायरी डेट को मुहर से अंकित किया जाएगा। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… पशुपालन और डेयरी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने कहा, सरकार ने उपभोक्ताओं की सेहत की सुरक्षा के लिए ये कदम उठाया है। यह कदम खाद्य पारदर्शिता बढ़ाने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। 18 मार्च को अंडा वितरकों की बैठक हरिशंकर सिंह ने बताया, 18 मार्च को प्रदेश के प्रमुख अंडा डिस्ट्रीब्यूटर्स की एक बैठक बुलाई है। इसमें शासनादेश को समझने और लागू करने के लिए उनसे चर्चा होगी। 1 अप्रैल से ये लागू होना है, हम समझना चाहते हैं कि इसे कैसे लागू किया जाए और कैसे इसकी निगरानी की जाएगी। अंडे पर क्या-क्या छपा होगा? लेइंग डेट: मुर्गी ने अंडा कब दिया यानी उत्पादन तारीख। एक्सपायरी डेट: अंडा कब तक सुरक्षित रहेगा यानी खराब होने की तारीख। अभी क्या था नियम: अंडे की ट्रे पर उत्पादन तिथि लिखी जाती है, लेकिन हर अंडे पर व्यक्तिगत स्टैंपिंग नहीं। नियम तोड़ने पर सजा क्या? अगर कोई उत्पादक, किसान, पोल्ट्री फार्म या दुकानदार इस नियम का पालन नहीं करता, तो सख्त कार्रवाई होगी। उनके अंडों को जब्त कर नष्ट किया जाएगा या उन पर 'मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त' की मुहर लगा दी जाएगी। ऐसे अंडे बाजार में नहीं बिक सकेंगे। नियम मानने के लिए सभी को मजबूर किया जाएगा। अंडे कितने दिन तक सुरक्षित रहते हैं? हरिशंकर सिंह के मुताबिक– अलग स्टोरेज क्यों जरूरी? फूड सेफ्टी नियमों के मुताबिक, अंडों को सब्जियों या अन्य खाद्य पदार्थों के साथ एक ही कोल्ड स्टोरेज में नहीं रखा जा सकता। दोनों को अलग-अलग तापमान और परिस्थितियों की जरूरत होती है। सही स्टोरेज से अंडों की ताजगी लंबे समय तक बनी रहती है। यूपी में कोल्ड स्टोरेज की हालत फिलहाल, राज्य में अंडों के लिए सिर्फ दो विशेष कोल्ड स्टोरेज हैं। एक आगरा में और दूसरा झांसी में। पूरे राज्य के लिए यह संख्या बहुत कम है। स्टोरेज की कमी बड़ी चुनौती बनी हुई है। सरकार को भविष्य में और कोल्ड स्टोरेज बनाने की जरूरत होगी ताकि नए नियम आसानी से लागू हो सकें। यूपी में प्रतिदिन 2.5 करोड़ अंडे की खपत प्रदेश में प्रतिदिन 2.50 करोड़ अंडों की खपत होती है। अभी प्रदेश में अंडा उत्पादन करीब 1.60 करोड़ है। 90 लाख से अधिक अंडे तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश आदि राज्यों से मंगाए जाते हैं। इंड में अंडे की खपत 20 से 25 प्रतिशत बढ़ जाती है। देश में प्रति व्यक्ति अंडे की सालाना खपत 106 है। हालांकि यूपी में प्रति व्यक्ति सालाना खपत 30 अंडे की है। यदि राष्ट्रीय औसत 106 अंडे प्रतिवर्ष की तरह यूपी में भी खपत बढ़ जाए तो यहां प्रतिदिन 7 करोड़ अंडे चाहिए होगा। खराब अंडे खाने से किस तरह का नुकसान FSDA के मुताबिक, खराब अंडे खाने से सबसे बड़ा खतरा फूड पॉइजनिंग का होता है। खासकर अंडे में पनपने वाले साल्मोनेला बैक्टीरिया के संक्रमण से ये होता है। खराब अंडे में अन्य बैक्टीरिया जैसे ई–कोलाई भी बढ़ सकते हैं, जो गंभीर बीमारी पैदा कर सकते हैं। इसकी वजह से पेट में तेज दर्द, ऐंठन, उल्टी, मतली, बुखार, सिर दर्द, थकान, पेट में सूजन, डिहाइड्रेशन हो सकता है। कई बार तो खून वाले दस्त भी हो सकते हैं। बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और डायबिटीज या कैंसर पेशेंट के लिए यह जानलेवा भी हो सकता है। अब अंडे के हेल्थ बेनिफिट्स जानिए… ------------------ यह खबर भी पढ़िए:- काशी में गंगा में नाव पर इफ्तार पार्टी, VIDEO:चिकन बिरयानी परोसी, हिंदू संगठन बोले- हडि्डयां नदी में फेंकीं; 14 गिरफ्तार काशी में गंगा नदी के बीच नाव पर इफ्तार पार्टी की गई। सोमवार को हुई इस पार्टी में आयोजकों ने रोजेदारों को फल और मेवे के साथ चिकन बिरयानी भी परोसी। साथ ही इफ्तार पार्टी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। जल्द ही वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर होने लगा। पढ़ें पूरी खबर…