LPG Supply Crisis: होर्मुज जलडमरूमध्य में अवरोध के बाद बाधित हुई गैस आपूर्ति धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। ईरान से मैत्रीपूर्ण सहयोग के बाद होर्मुज से निकला दूसरा एलपीजी टैंकर जहाज ‘नंदादेवी’ भी दो सप्ताह की समुद्री यात्रा के बाद मंगलवार को गुजरात के वाडीनार पोर्ट पर पहुंच गया। पहले यह कांडला पोर्ट जाना था, लेकिन सुरक्षा कारणों से इसे वाडीनगर ले जाया गया। जहाज से गैस खाली करने का काम वाडीनार से करीब 10 नॉटिकल मील दूर खंभालिया में किया जाएगा। इससे पहले सोमवार को ‘शिवालिक’ 46 हजार टन एलपीजी लेकर मुंद्रा पोर्ट पहुंचा था। दोनों टैंकरों में आई करीब 92 हजार मीट्रिक टन एलपीजी गैस से देश में घरेलू गैस की आपूर्ति को स्थिर होगी और होटल-रेस्तरां, छोटे उद्योगों को भी राहत मिलेगी। होर्मुज में अभी एलपीजी से लदे छह जहाज फंसे हुए हैं। इनमें लगभग 3 लाख मीट्रिक टन एलपीजी है। बंदरगाह और जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि ईंधन ला रहे भारतीय फ्लैग वाले कुल 22 जहाज अभी फारस की खाड़ी में हैं, जिन्हें सुरक्षित निकालने के प्रयास जारी हैं। उधर, यूएई से लगभग 81 हजार टन कच्चा तेल लेकर एक अन्य जहाज ‘जग लाडकी’ भी जल्द भारत पहुंचने वाला है।