देश पर जो ऑयल बॉन्ड का कर्जा था, वो इस महीने खत्म हो गया. यह कर्ज 2014 से पहले UPA सरकार में लिया गया था. जिसके चलते तब सरकार ने पेट्रोल-डीजल की कीमतों को कंट्रोल किया था. अब यह कर्ज पूरा हो गया है. तो ऐसे में सवाल है कि क्या अब ग्लोबल मोर्चे पर हालात सुधरने के बाद सरकार पेट्रोल-डीजल के दाम कम करेगी.