गुजरात के आश्रम में छापे जा रहे थे नकली नोट:₹2.38 करोड़ की करंसी जब्त, योग गुरु क्रिप्टो में पेमेंट कर चीन से मंगाता था कागज

अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने नकली नोटों के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। नकली नोट छापने का काम सूरत के एक आश्रम में हो रहा था। पुलिस ने यहां छापेमारी कर नोट छापनें की की मशीनों के साथ 2.38 करोड़ रुपए के नकली नोट जब्त किए। इस रैकेट का मुख्य आरोपी और तथाकथित योग गुरु प्रदीप जोटांगिया समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अब तक की जांच में पता चला है कि नकली नोट छापने के लिए इस्तेमाल होने वाला खास कागज चीन से मंगाया जाता था। इसका पेमेंट क्रिप्टो करंसी के जरिए किया गया था। कार रोकते ही रैकेट का पर्दाफाश हुआ क्राइम ब्रांच के डीसीपी अजीत राजिया ने बताया कि क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि कुछ लोग नकली नोटों की हेराफेरी कर रहे हैं। इसी आधार पर एसीपी और पीआई की एक टीम गठित की गई और अहमदाबाद के अमराईवाड़ी इलाके में एक फॉर्च्यूनर कार रोकी गई। तलाशी के दौरान गाड़ी से 2.38 करोड़ रुपए कीमत के 500 रुपए के नकली नोट बरामद हुए। पुलिस जांच में पता चला है कि सत्यम योग फाउंडेशन के वाहन में नकली नोटों की तस्करी की जा रही थी। नोटों की सप्लाई के लिए कर पर भारत सरकार और आयुष मंत्रालय के नाम लिखे हुए थे। क्राइम ब्रांच ने अहमदाबाद और सूरत में छापेमारी की तो इस पूरे रैकेट का खुलासा हुआ। विदेश से मंगवाए गए प्रिंटर भी जब्त आश्रम में छापे गए ये सभी नोट 500 रुपये के हैं। नकली नोट सूरत में बनाए गए थे और इन्हें खपाने के लिए अहमदाबाद लाया जाता था। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर इस नोट खपाए जाने वाली जगहों की जांच में जुटी है। आशंका है कि इस रैकेट में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जो धीरे-धीरे कर नोट मार्केट में खपाया करते थे। सूरत के आश्रम से क्या-क्या मिला? रैकेट का मुख्य आरोपी प्रदीप जोटांगिया को ‘गुरुजी’ के नाम से पहचाना जाता है। प्रदीप सूरत में ‘सत्यम योग फाउंडेशन’ नाम से आश्रम चला रहा था। पुलिस ने जब आश्रम में छापा मारा तो वहां से नकली नोट छापने की कई मशीनें, विदेश से मंगवाए गए प्रिंटर भी जब्त किए हैं। जांच में सामने आया कि आश्रम का इस्तेमाल आध्यात्मिक गतिविधियों के बजाय नकली नोटों की छपाई के लिए किया जा रहा था। ‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया’ के नाम की फर्जी सरकारी गाड़ियों से होती थी नोटों की सप्लाई क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के मुताबिक, यह रैकेट करीब छह महीनों से सक्रिय था और इस दौरान 20 लाख रुपए की कीमत से ज्यादा के नकली नोट बाजार में खपाए जा चुके हैं। इतना ही नहीं, नोटों की सप्लाई के लिए ‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया’ और आयुष मंत्रालय के नाम लिखी फर्जी सरकारी गाड़ियों का उपयोग किया जा रहा था। प्रदीप के एक साथी के घर से भी मिली फेक करंसी सूरत अपराध शाखा ने सूरत शहर के सारथाना इलाके में कृष्णा रो हाउस के मकान नंबर 77 पर छापा मारा, जहां योग गुरु प्रदीप के एक साथी मुकेश पटेल के घर से भी लाखों रुपए के नकली नोट जब्त किए गए हैं। मुकेश पटेल को हिरासत में लेकर इस गिरोह में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा रहा है। ------------------------ गुजरात से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… गुजरात में 2 साल पहले हुई इंटर-कास्ट मैरिज पर बवाल:महासम्मेल के बाद एक समुदाय ने दूसरे का गांव घेरकर तोड़फोड़ की गुजरात की थराद जिले में करीब 2 साल पहले हुई इंटर कास्ट मैरिज को लेकर चौधरी और रबारी समुदाय के लोग आमने सामने हैं। बुधवार को थराद में चौधरी समुदाय का महासम्मेलन हुआ। इसमें उत्तर गुजरात और राजस्थान के अंजना चौधरी समुदाय के नेताओं समेत बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे। पूरी खबर पढ़ें…