सरकार ने अवैध ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 300 वेबसाइट्स और एप्स को ब्लॉक किया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक अब तक कुल 8400 ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर बैन लगाया जा चुका है, जिनमें से करीब 4900 वेबसाइट्स ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू होने के बाद ब्लॉक की गई हैं। सरकारी सूत्रों के मुताबिक जिन प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई की गई है, वे मुख्य रूप से अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और जुए से जुड़े थे। इनमें ऑनलाइन स्पोर्ट्स बेटिंग प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन कसीनो (स्लॉट्स, रूलेट और लाइव डीलर गेम्स), पी-टू-पी बेटिंग एक्सचेंज, सट्टा/मटका नेटवर्क और रियल मनी कार्ड ऐप्स शामिल हैं। सरकार का कहना है कि इन प्लेटफॉर्म्स के जरिए बड़े स्तर पर अवैध लेनदेन और जुए को बढ़ावा मिल रहा था। इसे रोकने के लिए आईटी एक्ट और अन्य संबंधित कानूनों के तहत लगातार निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू होने के बाद इस तरह के प्लेटफॉर्म्स पर कार्रवाई में तेजी आई है। सरकार का दावा है कि यह कदम डिजिटल स्पेस को सुरक्षित बनाने और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए उठाया गया है। ऑनलाइन गेमिंग बिल के बारे में जानें… प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 के तहत देश में रियल मनी गेमिंग पर बैन लगाया जाएगा। यह बिल 20 अगस्त को लोकसभा और 21 अगस्त को राज्यसभा से पास हुआ था। 22 अगस्त को राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने के बाद यह कानून बना और 1 अक्टूबर से लागू किया गया। ऑनलाइन गेमिंग कानून में 4 सख्त नियम इस कानून में कहा गया है कि चाहे ये गेम्स स्किल बेस्ड हों या चांस बेस्ड दोनों पर रोक है। ------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… ऑनलाइन गेमिंग रेगुलेशन पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा- मनी गेमिंग ऐप्स का टेरर फाइनेंस से लिंक केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर बताया कि अनरेगुलेटेड ऑनलाइन गेमिंग ऐप्स का टेरर फाइनेंस और मनी लॉन्ड्रिंग से लिंक है। इसलिए इन्हें रेगुलेट करने के लिए कानून बनाना जरूरी था। केंद्र ने बताया कि ऑनलाइन पैसों वाले गेम तेजी से बढ़ रहे हैं और इससे धोखाधड़ी, मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स चोरी और कुछ मामलों में आतंकवाद को फंडिंग हो रही है, जो नेशनल सिक्योरिटी के लिए खतरा हैं। पूरी खबर पढ़ें…