'5 महीने से अधिक का अजन्मा भ्रूण कानून की नजर में एक इंसान, परिवार को अलग से मुआवजा, इलाहाबाद हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

2018 में 8-9 माह की गर्भवती महिला ट्रेन पर चढ़ते समय गिर गईं थी, जिसमें वो गंभीर रूप से घायल हो गईं थी. बाद में इलाज के दौरान महिला और अजन्मे बच्चे की मौत हो गई. अधिकरण ने महिला की मृत्यु के लिए मुआवजा दिया था, लेकिन उस भ्रूण के लिए अलग से मुआवजा देने से इनकार कर दिया था.