सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: ‘हमारे फैसलों की आलोचना करना गलत नहीं, यह लोगों का अधिकार है’

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उस याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसमें एनसीईआरटी की कक्षा 8 की पुरानी सामाजिक विज्ञान की पुस्तक से फैसलों के खिलाफ की गई टिप्पणियों को हटाने की मांग की गई थी। कोर्ट ने कहा, किसी फैसलें के बारे में अपनी राय जाहिर करना गलत नहीं है। सीजेआइ सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और विपुल एम. पंचोली की बेंच इस याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में 8वीं की पुरानी सामाजिक विज्ञान की किताब में लिखी इस टिप्पणी पर आपत्ति जताई गई थी कि ‘हाल के फैसले झुग्गी-झोपडिय़ों में रहने वालों को शहर में अतिक्रमणकारी के तौर पर देखा जाता है’।