ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ खोलने के लिए खाड़ी में हजारों मरीन और हमलावर जहाज भेजे, जबकि नाटो सहयोगियों पर मदद न करने के लिए ‘डरपोक’ कहकर निशाना साधा. संघर्ष में अब तक 2,000 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश ईरान और लेबनान के नागरिक हैं.