संघर्षों में भी कायम रहा नवरोज, जानें- 3000 साल पुराने पारसी नववर्ष का इतिहास

नवरोज का अर्थ है 'नया दिन'. सूर्य जब खगोलीय विषुवत रेखा को पार करता है और दिन-रात बराबर हो जाते हैं, तब नवरोज मनाया जाता है. यह कोई चंद्र कैलेंडर या धार्मिक आदेश से तय होने वाला त्योहार नहीं है. बल्कि इसका आगमन पृथ्वी की गति से निर्धारित होता है.